जकार्ता। विश्व के अधिकांश देशों में कई प्रकार के सांप पाए जाते हैं, इनमें से कई सांप तो इतने जहरीले होते हैं कि एक बार में इंसान का काम तमाम कर सकते हैं। सांपों में सबसे जहरीला सांप कोबरा को माना जाता है। कोबरा सांप का नाम सुनते ही लोगों की हालत पतली हो जाती है, लेकिन एक देश ऐसा भी है जहां लोग कोबरा सांपों का खून चाय-कॉफी की तरह पीते हैं।
शाम को टहलते समय स्वाद लेकर पीते हैं लोग
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में कोबरा का खून जहां लोग अपने सेहत को दुरुस्त करने के लिए पीते हैं, वहीं महिलाएं अपनी त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए इसे पीती हैं। उनका ऐसा मानना है कि कोबरा का खून पीने से त्वचा चमकदार होती है। जकार्ता के ज्यादातर क्षेत्रों में कोबरा का खून बेचा जाता है और लोग शाम को टहलते समय इसे स्वाद लेकर पीते हैं।
रोज कटते हैं हजारों सांप
खून की बढ़ती डिमांड को देखते हुए दुकानदार रोजाना हजारों सांपों को काट देते हैं। ये दुकानें शाम 5 बजे खुलती हैं और रात 1 बजे बंद हो जाती हैं। कोबरा का खून पीने के 3-4 घंटे बाद तक चाय कॉफी नहीं पीने की सलाह दी जाती है ताकि खून आपके शरीर में अपना काम कर सके।
जवानों को दी जाती है ट्रेनिंग
यह एक तरह की स्पेशल आर्मी ट्रेनिंग होती है जो की सेना के जवानों को दी जाती है। इसमें सेना के जवानों को कोबरा सांप को पकड़कर उसका खून पीने की ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि वो किसी भी प्रतिकूल परिस्तिथि में वो प्यासे न मर सके।
शाम को टहलते समय स्वाद लेकर पीते हैं लोग
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में कोबरा का खून जहां लोग अपने सेहत को दुरुस्त करने के लिए पीते हैं, वहीं महिलाएं अपनी त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए इसे पीती हैं। उनका ऐसा मानना है कि कोबरा का खून पीने से त्वचा चमकदार होती है। जकार्ता के ज्यादातर क्षेत्रों में कोबरा का खून बेचा जाता है और लोग शाम को टहलते समय इसे स्वाद लेकर पीते हैं।
रोज कटते हैं हजारों सांप
खून की बढ़ती डिमांड को देखते हुए दुकानदार रोजाना हजारों सांपों को काट देते हैं। ये दुकानें शाम 5 बजे खुलती हैं और रात 1 बजे बंद हो जाती हैं। कोबरा का खून पीने के 3-4 घंटे बाद तक चाय कॉफी नहीं पीने की सलाह दी जाती है ताकि खून आपके शरीर में अपना काम कर सके।
जवानों को दी जाती है ट्रेनिंग
यह एक तरह की स्पेशल आर्मी ट्रेनिंग होती है जो की सेना के जवानों को दी जाती है। इसमें सेना के जवानों को कोबरा सांप को पकड़कर उसका खून पीने की ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि वो किसी भी प्रतिकूल परिस्तिथि में वो प्यासे न मर सके।
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