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Tuesday, 13 September 2016

यहां भगवान कृष्ण ने छोड़े थे प्राण, आज भी नहीं सूखा 5000 साल पुराना पेड़ !!!!

अहमदाबाद। कृष्ण भगवान की जन्मस्थली मथुरा में दुनियाभर से भक्त पहुंचे हैं। वैसे तो भगवान श्रीकृष्ण का जीवन जन्म से लेकर मृत्यु तक कई दिलचस्प किस्सों से भरा हुआ है, जो कोई न कोई जीवन की सीख देता है। आजहम आपको उस जगह के बारे में बता रहे हैं, जहां भगवान कृष्ण ने अपना शरीर त्यागा था...

- गुजरात का सौराष्ट्र स्थित भालका तीर्थ। यह वही जगह है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपना शरीर त्यागा था।
- इस मंदिर में बनी भगवान श्री कृष्ण और जरा(शिकारी) की प्रतिमा उनके आखिरी वक्त के बारे में बताती है।
- कृष्ण भक्त आज भी इस जगह को मनोकामना पूरी करने वाली जगह मानते हैं।
- यही नहीं यहां मंदिर परिसर में मौजूद 5 हजार साल पुराना पीपल का पेड़ है, जो कभी नहीं सूखता है।

लगा था जरा शिकारी का तीर...
- धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी जगह पर भगवान श्रीकृष्ण को एक जरा नाम के शिकारी ने भेद दिया था।
- हालांकि, कृष्ण तो अंतर्यामी थे। वे ये बात बखूबी जानते थे कि इस दुनिया से उनके चलने का समय आ गया है।
- इसलिए तीर चलाने वाले शिकारी को उन्होंने माफ़ कर दिया।


- बाण लगने से घायल भगवान कृष्ण भालका से थोड़ी दूर पर स्थित हिरण नदी के किनारे पहुंचे।
- कहा जाता है कि उसी जगह पर भगवान पंचतत्व में ही विलीन हो गए। 
आज भी मौजूद है यहां भगवान कृष्ण के चरणों के निशान...
- हिरण नदी सोमनाथ से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। यहां नदी के किनारे आज भी भगवान के चरणों के निशान मौजूद हैं।
- इस जगह को आज दुनिया भर में देहोत्सर्ग तीर्थ के नाम से मशहूर है। 

देखें भालका तीर्थ की चुनिंदा PHOTOS

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