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Friday, 15 July 2016

कब्ज के घरेलू इलाज


कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय



 दोस्तों, लगभग हर कोई अपनी लाइफ़ में कभी न कभी पेट साफ़ ना होने यानि कब्ज की बीमारी का सामना करता है। ज्यादातर मामलों में ये समस्या कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है पर बहुत से लोग सालों साल इसकी वजह से परेशान रहते हैं।

आज हम आपको कब्ज की परेशानी दूर करने के कुछ बड़े ही आसान उपाय बता रहे हैं, जिन्हें अपना कर आप इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। आइये इसके बारे में हम विस्तार से जानते हैं।

कब्ज क्या है?  What is constipation in Hindi

कब्ज एक ऐसी स्थिति है जिसमे व्यक्ति का पेट ठीक से साफ नहीं होता है और मल त्याग करते समय कष्ट भी होता है। कब्ज से पीड़ित व्यक्ति आम लोगों की तुलना में कम बार शौच करता है। जहाँ आम तौर पर लोग दिन में कम से कम एक बार शौच करते हैं वहीँ  कांस्टीपेशन का मरीज ३ या उससे भी ज्यादा दिनों तक मॉल त्याग नहीं कर पाता। इस कारण से उसका पेट भार-भारी रहता है और भोजन में भी अरुचि हो जाती है। कब्ज के कारण कुछ लोगों को उल्टी भी हो जाती है और सर में दर्द भी बना रहता है।

कब्ज के लक्षण क्या-क्या हैं? Symptoms of Constipation in Hindi

ठीक से मल त्याग ना होना या पेट ना साफ़ होना
मल त्याग करने में तकलीफ होना
स्टूल (टट्टी/मल) का बहुत हार्ड और कम मात्रा में होना
बार-बार ऐसा लगना कि अभी थोड़ा और मल त्याग करना चाहिए
पेट में सूजन या दर्द होना
उल्टी होना
कब्ज होने के कारण / Cause of Constipation in Hindi

भोजन ग्रहण करने में अनियमितता
बासी भोजन करना
अति विश्राम / कम शारीरिक श्रम
मानसिक तनाव / टेंशन
अधिक चिकनाई वाला भोजन
आंतों की कमजोरी
कम पानी पीना
धूम्रपान / कैफीन द्रव्यों का सेवन
खाना खाते समय अधिक जल ग्रहण करना
स्वभाव में अधिक उग्रता
गरम मसाले वाले तथा अधिक तैलीय खाना खाना

कब्ज दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय / Ayurvedic and Home Remedies for Constipation In Hindi

त्रिफला चूर्ण दो चम्मच हल्के गरम पानी में घोल कर नित्य रात्रि में सोते समय लेने से कब्ज की तकलीफ में तुरंत राहत मिलती है।

थोड़े गरम दूध या पानी के साथ हरड़, बहेड़ा, और आंवला का समान मात्रा में तैयार किया हुआ चूर्ण रात्री में सोने के पहले रोज लेने से कब्ज की बीमारी दूर होती है।

कब्ज़ की तकलीफ दूर करने के लिए मुनक्का एक असरदार उपाय है। आठ से दस मुनक्का गरम दूध में उबाल कर नित्य सेवन करने से पेट को राहत मिलती है। और मल सरलता से त्याग हो जाता है।

पपीता पेट ठीक करने में काफी लाभदायक होता है।

 सेब तथा अंगूर खाने से भी पेट साफ आता है। सेब का ज्यूस काफी उपयोगी होता है। सेब का ज्यूस पीने से आंतों की अंदरूनी सतह पर बदबू और संकमण नाशक परत का सर्जन हो जाता है। और सेब का नित्य सेवन अन्य कई बीमारियों से रक्षण प्रदान करता है।

आंवला का चूर्ण कब्ज़ को जड़ से मिटा देता है। आंवला का चूर्ण रात्री में सोने से पहले अति गुणकारी है।
आंवला कई तरह से ग्रहण किया जा सकता है। आप इसका जूस पी सकते हैं। आंवला को सूखा कर चूर्ण बनाया जा सकता है। और आंवला की चटनी भी बना कर खायी जा सकती है।

आंवला के मुरब्बे को खाने के बाद ऊपर दूध पीने से कब्ज में राहत हो जाती है।

टमाटर खाने से भी कब्ज़ खत्म हो जाता है। खाने के साथ सलाद में कच्चा टमाटर खाना लाभदायी होता है।
टमाटर का सूप भी पिया जा सकता है। टमाटर जिद्दी आंतों में जमे पुराने मल को साफ करने का सटीक उपाय है।
बैंगन की सब्जी, चोलाई की सब्जी, पालक की सब्जी, आम, चने, दूध और शहद का मिश्रण मल त्याग वृति को सरल बनाता है।

आम का रस निकाल कर पीना उत्तम होता है और उसके ऊपर हल्का गरम दूध भी पीना चाहिए।

तांबे के बर्तन में एक चुटकी नमक डाल कर पानी रात भर ढक कर रख कर सुबह में उस पानी को पीने से कब्ज में राहत हो जाती है।

हल्के गरम गुनगुने पानी में चुटकी भर नमक मिला कर सोने से पूर्व पीने से भी आंते साफ रहती है। और अशुद्ध जमा हुआ मल शौच के समय आसानी से निकल जाता है।

एक चम्मच अरंडे का तेल जीभ पर नमक लगा कर रात को पी जाने / निगल जाने से मल साफ आता है।
गिलोय का गुड मिश्रित चूर्ण कब्ज़ में राहत देता है।

सब्जी पकाते समय उसमे लहसुन का प्रयोग करने से कब्ज की सम्भावना कम हो जाती है। लहसुन पाचन शक्ति वर्धक और गैस का शत्रु है। इसलिए लहसुन का सेवन नित्य करना चाहिए।

फूलगोभी, गाजर, पालक, घी, और बड़ी इलायची कब्ज की परेशानी में राहत देते हैं।

गाजर का रस निकाल कर पीना कब्ज में लाभदायक है।

काकजंघा और घी का मिश्रण नित्य पीने से उदर रोगों का नाश होता है।
पका हुआ लाल खरबूजा और तरबूज पेट को साफ करने में मदद करता है।

बथुआ की सब्जी शक्ति वर्धक और कब्ज नासक बताई गयी है।
इनमे से जो भी उपाय आपको सहज लगता है, अपनाइये , जरुर लाभ होगा !!

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